दिल है हिंदुस्तानी

नागरिकता बनाम जनगणना

कल 24 दिसंबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि देश में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर को आगे बढ़ाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने अब तक एनआरसी को असम से बाहर किसी अन्य राज्य में लागू नहीं किया है।

पहले नागरिकता कानून, फिर एनआरसी और अब एनपीआर। आपको नागरिकता कानून और एनआरसी में फर्क पहले ही बता चुकी हूँ। आइए आज आपको राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर और एनआरसी के बीच फर्क बताते हैं-

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( एनपीआर ):