दिल्लगी

आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!

नया साल मजबूत नीवं

आता है हर बार

धूम धड़ाके के साथ नया साल

कुछ सपने प्यारे-प्यारे

हम देखते हैं फिर से

उनको पूरा करने का विश्वास

जगाते हैं दिल में

जब आता है वक़्त

उनको पूरा करने का

हम तरह-तरह के बहाने बनाने लगते

फिर जिंदगी की आपाधापी में गुम हो जाते

खुद से किया वादा भी भूल जाते

कभी-कभी जब ये याद हैं आते

व्यस्तता का बहाना बनाकर

खुद को हम हैं बहलाते 

और एक दिन नया साल भी हो जाता पुराना

खुद से करते हम फिर एक और छलावा

पर दुखी होने की जगह

नए साल के स्वागत में

फिर से खुद को बहलाते

फिर से नए – नए सपने देखने लगते

कब पूरे होंगे पुराने सपने ?

क्या कभी पूरे होंगे हमारे सपने ?

जब सब सपने पूरे होंगे

वो कौन सा साल होगा ?

इरादों को मज़बूत बनाना होगा

सपनो को कांच से नहीं   

फ़ौलाद से बनाना होगा

इनको पूरा करने के लिए,

हौंसला जुटाना होगा

मन में उत्साह जगाना होगा  

खुद से किये वादे पूरा करने के बाद 

जो नया साल मनाएंगे उसका अलग ही

नशा पाएंगें, सच में जोश से भरा होगा

कुछ अलग ही वो साल होगा

कुछ अलग वो साल होगा…

कुसुम गोस्वामी

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