दिल्लगी

खुशियों के रंग

खुशी है एक उमंग,
खुशी है जल तरंग !

खुशी है बारिश की रिमझिम,
खुशी है तारों की टिमटिम !

खुशी है उनका प्यार,
खुशी है उसका इजहार !

खुशी है चिड़ियो का चहकना,
खुशी है मोर का नाचना !

खुशी है मधुर संगीत सुनना,
खुशी है मीठी धुन पे थिरकना !

खुशी है मस्त हवाएँ,
खुशी है काली घटाएँ !

खुशी है उगता सूरज,
खुशी है ढलता सूरज !

खुशी है फूलों का संग,
खुशी है इन्द्रधनुष के रंग !

खुशी है सागर की लहरे,
खुशी है बहते हुए झरने !

खुशी है चाय की प्याली,
खुशी है उसकी मिठास निराली !

कुसुम गोस्वामी ‘किम’

(चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

 

 

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13 thoughts on “खुशियों के रंग”

  1. खुशी है आपकी कविता पढ़ना,
    खुशी है आपके शब्दो के रंग में खोना।😊😊

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