दिल्लगी

बदलाब

दहलीज पर टंगी तख्ती पर नाम बदल जाते हैं
लबों को जो भाते हैं वो तराने पुराने बदल जाते हैं
गुजरते वक़्त के साथ दिन-तारीख ही नहीं दोस्तों
दिलों में पल रहे ज़ज्बात भी बदल जाते हैं

कुसुम गोस्वामी ‘किम’

(चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

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