दिल्लगी

शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

तू काल है तू कृपाल है, तू आदि है तू अंत है, तू वेद है तू पुराण है, तू आकाश है तू पाताल है, तू अग्नि है तू रस की धार है, तू सारे संसार में तुझ में सारा संसार है!   ©® कुसुम गोस्वामी   🌺🌼सभी आदरणीय मित्रों को शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं🌺🌼 देवों… Continue reading शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

दिल्लगी

तलाश

कुछ लोग दूर जाकर अपनों को भूल जाते हैं कुछ लोग दूर रहकर अपनों को याद करते हैं कुछ लोग खो हो जाते है ज़िंदगी में इस कदर एक दिन खुद की ही वे तलाश करते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

प्यार

प्यार.... किसी के लिए अनमोल होता है किसी के लिए खेल होता है जिसे मिला वही समझे इसकी माया दूर से से तो सोना भी पीतल लगता है © कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

बदलाब

दहलीज पर टंगी तख्ती पर नाम बदल जाते हैं लबों को जो भाते हैं वो तराने पुराने बदल जाते हैं गुजरते वक़्त के साथ दिन-तारीख ही नहीं दोस्तों दिलों में पल रहे ज़ज्बात भी बदल जाते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

तर्क-कुतर्क

किसी के तर्क को अपने कुतर्क से ! हराने की कोशिश करते है जो लोग !! बड़ी चतुराई से उछल - उछल कर ! अपना ओछापन बयां करते हैं वो लोग !! कुसुम गोस्वामी ‘किम’ (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

फुर्सत के लम्हे

दिन है २४ घंटे के काम है ४८ घंटे के ! भागम -भाग भरी जिंदगी में फुर्सत के लम्हे, मिलते है मुश्किल से ! कुसुम गोस्वामी ‘किम’ (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

खुद से प्यार

जो खुद से प्यार हैं करते वो दूसरों से ईर्ष्या नहीं करते ! जो दूसरों से ईर्ष्या हैं करते वो खुद से प्यार नहीं करते ! कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

बेवजह खुशी

यूं तो भी खुश हो सकते हैं गम को भगाने के लिए, और वजह तलाशों तो वजह भी हजार मिलेंगी खुश रहने के लिए... © कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)