दिल्लगी

तलाश

कुछ लोग दूर जाकर अपनों को भूल जाते हैं कुछ लोग दूर रहकर अपनों को याद करते हैं कुछ लोग खो हो जाते है ज़िंदगी में इस कदर एक दिन खुद की ही वे तलाश करते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

प्यार

प्यार.... किसी के लिए अनमोल होता है किसी के लिए खेल होता है जिसे मिला वही समझे इसकी माया दूर से से तो सोना भी पीतल लगता है © कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

बदलाब

दहलीज पर टंगी तख्ती पर नाम बदल जाते हैं लबों को जो भाते हैं वो तराने पुराने बदल जाते हैं गुजरते वक़्त के साथ दिन-तारीख ही नहीं दोस्तों दिलों में पल रहे ज़ज्बात भी बदल जाते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

खुशियों के रंग

खुशी है एक उमंग, खुशी है जल तरंग ! खुशी है बारिश की रिमझिम, खुशी है तारों की टिमटिम ! खुशी है उनका प्यार, खुशी है उसका इजहार ! खुशी है चिड़ियो का चहकना, खुशी है मोर का नाचना ! खुशी है मधुर संगीत सुनना, खुशी है मीठी धुन पे थिरकना ! खुशी है मस्त… Continue reading खुशियों के रंग

दिल्लगी

खुद पर कर एतबार

हारकर जीवन में न होंगे हताश, जीत की जारी रखेंगे सदा तलाश माना किस्मत पर नहीं है अपना ज़ोर, पर चल तो सकते हैं मंजिल की ओर जीवन रस में घोलें खुशियों की मिठास , कभी तो रंग लाएगा अपना एक प्रयास मुश्किलों की खड़ी होंगी जब कई दीवार, हौसलों की बनाएंगे मजबूत ऊंची मीनार… Continue reading खुद पर कर एतबार

दिल्लगी

बेवजह खुशी

यूं तो भी खुश हो सकते हैं गम को भगाने के लिए, और वजह तलाशों तो वजह भी हजार मिलेंगी खुश रहने के लिए... © कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

प्यारी बेटियां

हर आंगन की शान होतीं हैं, ये बेटियां, अपने बाबुल का मान होतीं हैं, ये बेटियां किसी रोते चेहरे की मुस्कान  के जैसी, तपते रेगिस्तान मे फुहार हैं,  ये बेटियां हमारे गम से नम हो जाती हैं इनकी आँखें, ऐसी भावुक होती हैं, ये बेटियां प्यार के रंग बिखेर देती हैं जीवन में, इतनी प्यारी… Continue reading प्यारी बेटियां

दिल्लगी

मासूम मन की फरियाद

नन्हीं उंगलियो ने थाम ली मेरी कलाई, कहीं जाते -जाते, मैं वहीं ठहर गई ! हाँ थी मैं बड़ी ही जल्दी में, अपनी ही धुन अपनी ही मस्ती में ! उसने न जाने क्या जादू कर दिया, मासूम आँखों से कुछ कह दिया ! दिल में ममता की लहर उभर गई, मैं उसकी प्यारी सूरत… Continue reading मासूम मन की फरियाद

दिल्लगी

सच्ची खुशी

हम जा रहे थे डीलक्स कार से, वो रिक्शा चला रहा था ! हम एसी में बैठे थे, वो पसीना पूछा रहा था ! हम जाम लगा देख भुनभुना रहे थे, वो रिक्शा रोककर मुस्करा रहा था ! हमारा ध्यान घड़ी की सुइयों पे था, वो बेफिक्री से घूम रहा था ! हम होटल में… Continue reading सच्ची खुशी

दिल्लगी

काश कुछ ऐसा हो जाए

काश कुछ ऐसा हो जाए हाँ कोई जादू हो जाए नाम  तेरा  होठों पे आए और तू हाजिर हो जाए काश कुछ ऐसा हो जाए बादल पूछ के जल बरसाए कभी  धरती सूखी न रह पाए कहीं फिर बाढ़ नही आए काश कुछ ऐसा हो जाए हर जुमॆ ही मिट जाए बेफ्रिक हम घर से… Continue reading काश कुछ ऐसा हो जाए