दिल्लगी

तलाश

कुछ लोग दूर जाकर अपनों को भूल जाते हैं कुछ लोग दूर रहकर अपनों को याद करते हैं कुछ लोग खो हो जाते है ज़िंदगी में इस कदर एक दिन खुद की ही वे तलाश करते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

बदलाब

दहलीज पर टंगी तख्ती पर नाम बदल जाते हैं लबों को जो भाते हैं वो तराने पुराने बदल जाते हैं गुजरते वक़्त के साथ दिन-तारीख ही नहीं दोस्तों दिलों में पल रहे ज़ज्बात भी बदल जाते हैं कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

फुर्सत के लम्हे

दिन है २४ घंटे के काम है ४८ घंटे के ! भागम -भाग भरी जिंदगी में फुर्सत के लम्हे, मिलते है मुश्किल से ! कुसुम गोस्वामी ‘किम’ (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

खुद से प्यार

जो खुद से प्यार हैं करते वो दूसरों से ईर्ष्या नहीं करते ! जो दूसरों से ईर्ष्या हैं करते वो खुद से प्यार नहीं करते ! कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

खुशियों के रंग

खुशी है एक उमंग, खुशी है जल तरंग ! खुशी है बारिश की रिमझिम, खुशी है तारों की टिमटिम ! खुशी है उनका प्यार, खुशी है उसका इजहार ! खुशी है चिड़ियो का चहकना, खुशी है मोर का नाचना ! खुशी है मधुर संगीत सुनना, खुशी है मीठी धुन पे थिरकना ! खुशी है मस्त… Continue reading खुशियों के रंग

दिल्लगी

खुद पर कर एतबार

हारकर जीवन में न होंगे हताश, जीत की जारी रखेंगे सदा तलाश माना किस्मत पर नहीं है अपना ज़ोर, पर चल तो सकते हैं मंजिल की ओर जीवन रस में घोलें खुशियों की मिठास , कभी तो रंग लाएगा अपना एक प्रयास मुश्किलों की खड़ी होंगी जब कई दीवार, हौसलों की बनाएंगे मजबूत ऊंची मीनार… Continue reading खुद पर कर एतबार

दिल्लगी

बेवजह खुशी

यूं तो भी खुश हो सकते हैं गम को भगाने के लिए, और वजह तलाशों तो वजह भी हजार मिलेंगी खुश रहने के लिए... © कुसुम गोस्वामी 'किम' (चित्र सौजन्य: इंटरनेट)

दिल्लगी

दुआ है मेरी रब से

मेरे सभी मित्रों के लिए ये दुआ है मेरी रब से, तेरी हर दुआ कबूल हो जाए ! खुशियों में तो , तू खुश रहे सदा, गम में भी तेरी आँख न भर पाए !! ©®कुसुम गोस्वामी

दिल्लगी

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

"फिज़ा में लहराऊं तेरे संगतू डोर मैं एक पतंग" 🎈 ❤️💐सभी आदरणीय मित्रों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं🙏💐❤️

हम हिंदुस्तानी

नोआखाली दर्दनाक हत्याकांड

जिन्ना का दोष यही था कि उसने मुसलमानों को सीधे क़त्ले आम कर के पाकिस्तान लेने का निर्देश दिया था ! वह चाहता तो यह क़त्ले आम रुक सकता था लेकिन उसे मुसलमानों की ताक़त दर्शानी थी ! बहुत कठोर पोस्ट है पर जानना जरूरी है, "जिन्ना" को 16 अगस्त 1946 से दो दिन पूर्व… Continue reading नोआखाली दर्दनाक हत्याकांड