उपन्यास-मेघना

पुस्तक समीक्षा- मेघना

--- पुस्तक समीक्षा --- उपन्यास - मेघना लेखिका - कुसुम गोस्वामी * हमारे हाथों में एक अनमोल तोहफ़ा है आज जिसे बेहद ख़ूबसूरत नीले लिबास में हमने पाया। इस तोहफ़े का नाम है "मेघना"। कोई उपन्यास गहन चिंतन और मनन के बाद ही अपना स्वरूप ग्रहण करता है।मेघना नामक यह उपन्यास हमें एक विराट कैनवास… Continue reading पुस्तक समीक्षा- मेघना

उपन्यास-मेघना

पुस्तकें- हमारी सच्ची मित्र

किताबें सुख-दुख की साथी होती हैं जैसे कोई छुटपन का संगी। दुख के समय ये हिम्मत देती हैं लहलहाकर, गलबहियाँ डाल सारी उदासी दूर खदेड़ देती हैं। खुशियों के पलों में होठों की मुस्कान को दोगुना चौड़ा कर देती हैं। इनके साथ आहिस्ता-आहिस्ता आत्मीय संबंध बनता जाता है। ये कभी अकेलेपन का अहसास नहीं होने… Continue reading पुस्तकें- हमारी सच्ची मित्र

उपन्यास-मेघना

मेघना- किंडल फ़ारमैट

मेघना अब किंडल पर भी जिन रीडर्स को E-Book पढ़ने का शौक़ है उनके लिए खुशख़बरी! मेघना अब किंडल पर भी उपलब्ध है। कोरोना काल में जब बीच-बीच में कहीं-कहीं लॉकडाउन की वजह से डिलीवरी में विलंब हो रहा है ऐसे में किंडल एक अच्छा विकल्प है। तो निराशा भरे वातावरण को थोड़ी देर के… Continue reading मेघना- किंडल फ़ारमैट

प्रकाशित लेख

मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

समाज के हर अंग जीवन के हर रंग को लेकर रचा, हिन्दयुग्म प्रकाशन से प्रकाशित मेरा उपन्यास मेघना- एक अलबेली-सी पहेली हमारा समाज की दोहरी मानसिकता जहां कुछ पुरुष नारी जाती की उन्नति के लिए सीढ़ी बन जाते हैं वहीं कुछ उसे मात्र भोग की वस्तु समझते हैं। इस उपन्यास में पुरुष के राम और… Continue reading मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

इतिहास के गलियारे से, उपन्यास-मेघना

मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

स्त्री-विमर्श एवं नारी सशक्तिकरण पर लिखा उपन्यास "मेघना– एक अलबेली-सी पहेली" जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा ओ हमनवा...? जो सबके लिए जीती आई, जब उसे सहारे की ज़रूरत हुई तो किसी ने दिया उसका साथ? जानने के लिए बस थोड़ा और इंतज़ार... #मेघना_एक_अलबेली_सी_पहेली शीघ्र आ रही… Continue reading मेघना- एक अलबेली-सी पहेली