प्रकाशित लेख

मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

समाज के हर अंग जीवन के हर रंग को लेकर रचा, हिन्दयुग्म प्रकाशन से प्रकाशित मेरा उपन्यास मेघना- एक अलबेली-सी पहेली हमारा समाज की दोहरी मानसिकता जहां कुछ पुरुष नारी जाती की उन्नति के लिए सीढ़ी बन जाते हैं वहीं कुछ उसे मात्र भोग की वस्तु समझते हैं। इस उपन्यास में पुरुष के राम और… Continue reading मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

इतिहास के गलियारे से, उपन्यास-मेघना

मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

स्त्री-विमर्श एवं नारी सशक्तिकरण पर लिखा उपन्यास "मेघना– एक अलबेली-सी पहेली" जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा ओ हमनवा...? जो सबके लिए जीती आई, जब उसे सहारे की ज़रूरत हुई तो किसी ने दिया उसका साथ? जानने के लिए बस थोड़ा और इंतज़ार... #मेघना_एक_अलबेली_सी_पहेली शीघ्र आ रही… Continue reading मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

उपन्यास-मेघना

नायिका से मुलाक़ात

जैसे हर इंसान स्वभाव से भिन्न होता है, वैसे ही हर कहानी की नायिका भिन्न होती है। तो कैसी है हमारी कहानी की नायिका "मेघना" ? चलिए! उससे पहले, उससे पहचान का सिलसिला रखते हैं...  उपन्यास "मेघना – एक अलबेली-सी पहेली" हिन्दयुग्म प्रकाशन से शीघ्र प्रकाशित होने जा रहा है। 

उपन्यास-मेघना

मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

मातारानी की कृपा, माँ सरस्वती के आशीर्वाद और आप सब शुभचिंतकों की शुभकामनाओं का प्रतिफल है जो आपसे एक खुशी साझा करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ ... आदरणीय मित्रों ! नववर्ष के प्रथम माह की विदाई की बेला एवं बसंत ऋतु के आगमन से थोड़ा पूर्व आज, एक सुनहरी दोपहरिया में, आपको अपना राज़दार… Continue reading मेघना- एक अलबेली-सी पहेली