दिल्लगी

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

"फिज़ा में लहराऊं तेरे संगतू डोर मैं एक पतंग" 🎈 ❤️💐सभी आदरणीय मित्रों को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं🙏💐❤️

हम हिंदुस्तानी

ये कहां आ गए हम…

साभार….मैं जब भी 18 के आसपास के हौसलामंद नौजवानों को नास्तिक होते देखता हूँ तो मुझे बुरा नहीं लगता। पर मैं जब इन्हें नमाज़, कुरान, वुज़ू, इस्लाम और मुसलमानों की इज़्ज़त करते देखता हूँ तो अच्छा लगता है। लेकिन जब यही YOUNG GUNS मंदिर में होती आरती का या भगवान की मूरत और उसकी पूजा… Continue reading ये कहां आ गए हम…

सीएए/एनआरसी- महत्वपूर्ण तथ्य, हम हिंदुस्तानी

On the merit

#CAA और #NRC का समर्थन करने वालों पर शांति भंग करने का आरोप लगाना तुक्ष मानसिकता को दर्शाता है।और एक बात अर्थव्यवस्था का रोना ग्राफ़ के साथ लेकर यहां न आएं...लुढ़कती GDP की चिंता है तो उसकी अलग रैली निकालें तथाकथित बुद्धिजीवीगण!बढ़ी फ़ीस से परेशानी है तो उसकी अलग रैली निकालें JNU वाले बूढ़े बच्चे!कश्मीर… Continue reading On the merit

हम हिंदुस्तानी

हमारी संस्कृति हमारी पहचान

2011 की बात है मैं जर्मनी गई थी। बहुत ही शांतिप्रिय और सुंदर, साफ़ सुथरा देश। कसेल (kassel) जर्मनी का एक छोटा सा टाउन हालांकि वहां के टाउन में जो सुविधाएं और साफ़ सफाई थी कहते हुए भी बड़ा संकोच होता है उसकी तुलना भी हम अपने देश की राजधानी दिल्ली से नहीं कर सकते;… Continue reading हमारी संस्कृति हमारी पहचान

प्रकाशित लेख

नए साल कुछ ऐसा किया जाए

1. My poetry published in गृहशोभा (जनवरी'2015) 2. My another poetry 'काश कुछ ऐसा हो जाए' published in Nov'14 edition of hindi magazine WOMAN on TOP. 3. My poetry written on christmas festival ' क्रिसमस पर ऐसा करें ' has been published in December ' 14 edition of hindi magazine "WOMAN on TOP". This is… Continue reading नए साल कुछ ऐसा किया जाए

आकाशवाणी

आकाशवाणी:हास्य व्यंग्य

https://youtu.be/C8bkz-bUn-Q गुझिया बनाओ अभियान (हास्य व्यंग्य) - By Kusum Goswami 'Kim'… An interesting article on Holi, written & recited by me has been broadcast at AIR / LUCKNOW (Akashwani/Lucknow ) on Mar 3, 2015