प्रकाशित लेख

मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

समाज के हर अंग जीवन के हर रंग को लेकर रचा, हिन्दयुग्म प्रकाशन से प्रकाशित मेरा उपन्यास मेघना- एक अलबेली-सी पहेली हमारा समाज की दोहरी मानसिकता जहां कुछ पुरुष नारी जाती की उन्नति के लिए सीढ़ी बन जाते हैं वहीं कुछ उसे मात्र भोग की वस्तु समझते हैं। इस उपन्यास में पुरुष के राम और… Continue reading मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास