सीएए/एनआरसी- महत्वपूर्ण तथ्य, हम हिंदुस्तानी

नागरिकता बनाम जनगणना

कल 24 दिसंबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि देश में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर को आगे बढ़ाया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध किया जा रहा है। हालांकि सरकार ने अब… Continue reading नागरिकता बनाम जनगणना

सीएए/एनआरसी- महत्वपूर्ण तथ्य, हम हिंदुस्तानी

शरणार्थी हिंदू भाइयों का क्या दोष ??

भारत विभाजन से पहले मुसलमानों की संख्या भारत की कुल आबादी का 10 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर लगभग 15 प्रतिशत हो गई है। आज़ादी के वक्त पाकिस्तान में कुल 428 मंदिर थे, जिनमें से अब सिर्फ 26 ही बचे हैं। माइनॉरिटी राइट ग्रुप इंटरनेशनल के मुताबिक 2-8 दिसंबर, 1992 के दौरान पाकिस्तान में तकरीबन… Continue reading शरणार्थी हिंदू भाइयों का क्या दोष ??

हम हिंदुस्तानी

राष्ट्र भाषा

हिंदी का उत्थान ज़रूरी है क्योंकि मातृभाषा में समझना और समझाना दोनों आसान होता है। हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है सबको जोड़ने की भाषा है।इससे विमुख होना हमें महेंगा पड़ेगा।

परिचय

सपनों की ज़मीं

मैं कुसुम गोस्वामी, दिल्ली की रहने वाली हूं . देश की तमाम जानी-पहचानी मासिक पत्रिकाओं में समय-समय पर कहानियां और कविताएं प्रकाशित होते रहे हैं. आकाशवाणी से भी जुड़ी हूं. वहाँ से मैंने अपनी कहानियां, व्यंग्य और कविताएं प्रस्तुत की हैं. शीध्र ही आपके सम्मुख अपने पहले उपन्यास के साथ प्रस्तुत होउंगी…