उपन्यास-मेघना

पुस्तक समीक्षा- मेघना

--- पुस्तक समीक्षा --- उपन्यास - मेघना लेखिका - कुसुम गोस्वामी * हमारे हाथों में एक अनमोल तोहफ़ा है आज जिसे बेहद ख़ूबसूरत नीले लिबास में हमने पाया। इस तोहफ़े का नाम है "मेघना"। कोई उपन्यास गहन चिंतन और मनन के बाद ही अपना स्वरूप ग्रहण करता है।मेघना नामक यह उपन्यास हमें एक विराट कैनवास… Continue reading पुस्तक समीक्षा- मेघना

उपन्यास-मेघना

मेघना- किंडल फ़ारमैट

मेघना अब किंडल पर भी जिन रीडर्स को E-Book पढ़ने का शौक़ है उनके लिए खुशख़बरी! मेघना अब किंडल पर भी उपलब्ध है। कोरोना काल में जब बीच-बीच में कहीं-कहीं लॉकडाउन की वजह से डिलीवरी में विलंब हो रहा है ऐसे में किंडल एक अच्छा विकल्प है। तो निराशा भरे वातावरण को थोड़ी देर के… Continue reading मेघना- किंडल फ़ारमैट

उपन्यास-मेघना

मेघना- समीक्षा- 3

उपन्यास - मेघना एक अलबेली सी पहेली लेखिका - कुसुम गोस्वामी जी समीक्षा - कुछ रोज पहले मेरी मुलाकात "मेघना" से हुई जो लेखिका कुसुम गोस्वामी जी द्वारा रचित एक बेहतरीन उपन्यास है शुरुआत करूंगी कि मेघना सिर्फ एक किताब नहीं है, मेघना हर वह लड़की है, यह वह स्त्री है जो सपने देखती है,… Continue reading मेघना- समीक्षा- 3

उपन्यास-मेघना

मेघना- समीक्षा- 2

"इन दिनों मेरी किताब" पर मेघना की समीक्षा: कुछ उपन्यास और उसके पात्र किताब ख़त्म होने के बाद भी दिलो दिमाग में घूमते रहते हैं। एक ऐसा ही उपन्यास है "मेघना: एक अलबेली-सी पहेली"। उपन्यास क्या है यूँ लगता है जैसे हम किसी की जिंदगी का हिस्सा बन गए और कोई हमारी जिंदगी का किस्सा… Continue reading मेघना- समीक्षा- 2

प्रकाशित लेख

मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

समाज के हर अंग जीवन के हर रंग को लेकर रचा, हिन्दयुग्म प्रकाशन से प्रकाशित मेरा उपन्यास मेघना- एक अलबेली-सी पहेली हमारा समाज की दोहरी मानसिकता जहां कुछ पुरुष नारी जाती की उन्नति के लिए सीढ़ी बन जाते हैं वहीं कुछ उसे मात्र भोग की वस्तु समझते हैं। इस उपन्यास में पुरुष के राम और… Continue reading मानवीय संवेदनाओं को कुरेदता उपन्यास

उपन्यास-मेघना

मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

मातारानी की कृपा, माँ सरस्वती के आशीर्वाद और आप सब शुभचिंतकों की शुभकामनाओं का प्रतिफल है जो आपसे एक खुशी साझा करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ ... आदरणीय मित्रों ! नववर्ष के प्रथम माह की विदाई की बेला एवं बसंत ऋतु के आगमन से थोड़ा पूर्व आज, एक सुनहरी दोपहरिया में, आपको अपना राज़दार… Continue reading मेघना- एक अलबेली-सी पहेली

परिचय

सपनों की ज़मीं

मैं कुसुम गोस्वामी, दिल्ली की रहने वाली हूं . देश की तमाम जानी-पहचानी मासिक पत्रिकाओं में समय-समय पर कहानियां और कविताएं प्रकाशित होते रहे हैं. आकाशवाणी से भी जुड़ी हूं. वहाँ से मैंने अपनी कहानियां, व्यंग्य और कविताएं प्रस्तुत की हैं. शीध्र ही आपके सम्मुख अपने पहले उपन्यास के साथ प्रस्तुत होउंगी…